मेरा बच्चा सोते समय आवाज क्यों करता है?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 09:29

पहले के समय में बड़े-बुजुर्गों को ही खर्राटे आते थे लेकिन अब यह समस्‍या जवान लोगों और बच्‍चों में भी होने लगी है। रात को सोते समय कुछ बच्‍चे भी खर्राटे लेते हैं लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि बच्‍चों को खर्राटे क्‍यों आते हैं और बच्‍चों में यह समस्‍या होना कितनी नॉर्मल बात है।

इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि बच्‍चों के लिए खर्राटे लेना कितना सही है और किन तरीकों से इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।

​बच्‍चों को खर्राटे आने के कारण

श्‍वसन मार्ग में कोई अवरोध आने पर बच्‍चों को खर्राटे आते हैं। ऐसे में सांस लेने में दिक्‍कत होती है और गले के आसपास के ऊतकों में वाइब्रेशन बनने लग जाती है जिससे खर्राटों की आवाज आने लगती है। बच्‍चों में खर्राटे आने के निम्‍न कारण हो सकते हैं :

इंफेक्‍शन की वजह से टॉन्सिल्‍स बढ़ सकते हैं जिसमें श्‍वसन मार्ग में अवरोध आने लगता है। इसकी वजह से खर्राटों की आवाज सुनाई देती है।
वजन बढ़ने या ओबेसिटी होने पर भी खर्राटे आ सकते हैं। ओबेसिटी गले के श्‍वसन मार्ग को छोटा कर देती है जिससे सांस लेने में दिक्‍कत होने लगती है।
जुकाम की वजह से नाक जम जाती है और नासिका मार्ग में ब्‍लॉकेज हो जाती है। इससे भी खर्राटे आ सकते हैं।
धूल-मिट्टी से एलर्जी होने पर जुकाम हो जाता है और नाक बंद हो जाती है। यह भी खर्राटों का कारण बन सकता है।
स्‍लीप एप्‍निया की वजह से भी बच्‍चों को खर्राटे आते हैं।

​बच्‍चों को खर्राटे आने के नुकसान

आमतौर पर बच्‍चों को खर्राटे आना नुकसानदायक नहीं होता है। हालांकि, अगर बच्‍चे को लगातार खर्राटे आ रहे हैं तो इसका असर उसकी सेहत पर भी पड़ता है। लगातार खर्राटे आना स्‍लीप एप्निया का संकेत हो सकता है। इससे सांस लेने में दिक्‍कत होती है। बच्‍चों को खर्राटों की वजह से थकान, सिरदर्द, डिप्रेशन और सुस्‍ती हो सकती है।

बार-बार खर्राटे आने की वजह से नर्वस सिस्‍टम प्रभावित हो सकता है। ज्‍यादा खर्राटे बच्‍चे के सोशल और बिहेवरियल डेवलेपमेंट पर भी असल डाल सकता है।

​क्‍या है इलाज

बच्‍चे के लिए हल्‍का और मुलायम तकिया रखें। उसे समय-समय पर करवट लेते रहने के लिए कहें। इससे उसे सांस लेने में आसानी होगी। नाक बंद होने पर भी बच्‍चों को खर्राटे आते हैं। इसलिए खासतौर पर सर्दी के मौसम में बच्‍चे नाक साफ रखें।

कमरे में गर्म हवा होने की वजह से भी बच्‍चे की नाक सूख सकती है जिससे उसे सांस लेने में दिक्‍कत आ सकती है। कोशिश करें कि बच्‍चे के कमरे का तापमान नॉर्मल रहे ताकि वो आराम से सांस ले सके।

आसपास धूल-मिट्टी होने पर जुकाम और सांस से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं जिससे बच्‍चे को खर्राटे आने लगते हैं। मोटापा भी बच्‍चों में खर्राटे आने का एक प्रमुख कारण है इसलिए बच्‍चे के वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें।

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